July 3, 2022

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रामनवमी हिंसा पर वीडियो पोस्ट करने के बाद दिग्विजय सिंह पर FIR

रामनवमी पर मध्य प्रदेश के खरगोन में हुई हिंसा पर किए गए अपने ट्वीट से कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह मुश्किल में फंस गए हैं. उनके खिलाफ होशंगाबाद में FIR दर्ज हुई है. दरअसल कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने एक फोटो भी थी. उसे खरगोन में भड़की हिंसा का बताया गया, लेकिन बाद में उसे हटा दिया गया. इस पर बीजेपी ने दिग्विजय सिंह पर जानबूझकर सांप्रदायिक हिंसा भड़काने का आरोप लगाया.

इस बीच, एमपी सरकार ने दिग्विजय सिंह का ट्विटर अकाउंट ब्लॉक करने की मांग की है. सरकार की ओर से ट्विटर को पत्र लिखा गया है. बीजेपी नेता और सरकार में मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने प्रदेश में हिंसा भड़काने की कोशिश की है. किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह जैसे लोग अपराधी हैं.विश्वास सारंग दिग्विजय सिंह के ट्विटर को ब्लॉक करवाने के लिए जन अभिनायन चलाएंगे. चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने आमजन से दिग्विजय सिंह के ट्विटर हैंडल की रिपोर्ट करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता बिगड़ने के लिए दिग्विजय सिंह ट्विटर का इस्तेमाल करते हैं. ना सिर्फ बीजेपी बल्कि कांग्रेस नेता सोहन वाल्मीकि ने भी दिग्विजय सिंह के खिलाफ मोर्चा खोला. उन्होंने नाराजगी जाहिर करते हुए ट्वीट कर पूछा कि दिग्विजय सिंह इस तस्वीर को प्रमाणित करें. मामले ने तूल पकड़ा. पुलिस ने बीजेपी की शिकायत पर दिग्विजय सिंह पर केस दर्ज कर लिया.

दूसरी तरफ खरगोन जिले को छावनी में बदल दिया गया है. चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा है. रामनवमी को भड़की हिंसा दोबारा ना हो इसके लिए जिले में 4 आईपीएस, 15 डीएसपी, रैपिड एक्शन फोर्स समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है. खरगोन जिले में कल शाम पुलिस-प्रशासन ने होटलों के खिलाफ अभियान चलाया. कल लजीज होटल, ‘दो वक्त होटल’ और काजीपुर की बेकरी पर कार्रवाई की गई. पुलिस के मुताबिक होटल में छिपे 14 लोगों समेत कुल 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया. बता दें कि खरगोन में रामनवमी के दिन हिंसा हुई थी.