December 2, 2022

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आर्थिक संकट की वजह से भारत में दाखिल हो रहे श्रीलंकाई

भारतीय तटरक्षक बल ने मंगलवार को तीन बच्चों सहित छह श्रीलंकाई नागरिकों को गिरफ्तार किया, जो जाफना और कोकुपडैयन के निवासी हैं. वे कथित तौर पर बेरोजगारी और भोजन की कमी का सामना कर रहे थे. उन्हें तमिलनाडु में रामेश्वरम के पास एक द्वीप से बचाया गया था. न्यूज एजेंसी एएफपी ने बताया कि श्रीलंका ने मंगलवार को पेट्रोल स्टेशनों पर सैनिकों को तैनात कर दिया, क्योंकि हजारों वाहन चालकों ने विरोध प्रदर्शन किए. वे तेल के लिए रोजाना कतार में लगते थे. पुलिस ने कहा कि तेल के लिए कतार में खड़े रहने से शनिवार से अब तक तीन बुजुर्गों की मौत हो गई. देश के विदेशी मुद्रा संकट के बीच पेट्रोलियम की कीमतें आसमान छू गई हैं, जिससे मुद्रास्फीति और आवश्यक आपूर्ति की कमी हो गई है. आर्थिक संकट का असर छात्रों पर भी पड़ रहा है. कागजात की भारी कमी के कारण श्रीलंका में सभी परीक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए रद्द कर दी गई हैं. श्रीलंका का वित्तीय संकट विदेशी मुद्रा की गंभीर कमी से उपजा है, जिससे व्यापारी आयात को वित्तपोषित करने में असमर्थ हैं. देश का टूरिज्म सेक्टर जो फॉरेन एक्सचेंज का मुख्य सोर्स है वो भी कोरोना महामारी के बाद से संकट के दौर से गुजर रहा है. ईस्टर के दौरान कोलंबो में 2019 के सीरियल बम विस्फोट ने पहले ही देश के पर्यटन क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया था, जिसका सीधा असर अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ा था. महामारी ने संकट को और बढ़ा दिया. विशेषज्ञों का कहना है कि अपनी आवश्यक वस्तुओं के लिए आयात पर देश की अत्यधिक निर्भरता भी संकट के लिए जिम्मेदार है क्योंकि यह लगभग पूरी तरह से चीनी, दाल, अनाज और फार्मास्यूटिकल्स जैसी दैनिक आवश्यक वस्तुओं के आयात पर निर्भर करता है.
चीन ने भी श्रीलंका की सहायता करने से इनकार कर दिया. भारत ने 17 मार्च को श्रीलंका के वित्त मंत्री तुलसी राजपक्षे की दो दिवसीय यात्रा के दौरान भोजन, दवाओं और अन्य आवश्यक वस्तुओं की खरीद के लिए श्रीलंका को 1 बिलियन अमेरीकी डालर की ऋण सहायता की घोषणा की थी. पिछले महीने, भारत ने पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद में मदद करने के लिए श्रीलंका को 500 मिलियन अमेरीकी डालर की ऋण सहायता प्रदान की थी. राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने कहा है कि श्रीलंका संकट से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से राहत की मांग करेगा.