August 18, 2022

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LuLu Mall में पब्लिक प्लेस पर नमाज: जानें क्या होता है सार्वजनिक स्थान, क्या करने पर हो सकती है सजा

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ (Lucknow) में बना शहर का सबसे बड़ा मॉल इन दिनों सुर्खियां बटोर रहा है. दरअसल लुलु मॉल (Lulu Mall) का 10 जुलाई को रविवार के दिन उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने उद्घाटन किया था. इसके बाद यहां कुछ लोगों लुलु मॉल के कैंपस के अंदर नमाज अदा करते देखा गया, जिस पर अखिल भारत हिंदू महासभा (Akhil Bharat Hindu Mahasabha) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

अखिल भारत हिंदू महासभा ने सार्वजनिक स्थान पर इस तरह पूजा-पाठ करना या नमाज अदा करना सरकार के आदेशों का उल्लंघन बताया है. लखनऊ में सार्वजनिक स्थलों पर पूजा-पाठ या नमाज अदा करने पर धारा 144 के तहत पाबंदी लगाई गई है. ऐसे में लखनऊ पुलिस ने धारा 153A, 295A, 341 समेत कई अन्य धाराओं में मामले दर्ज किए हैं.

पब्लिक प्लेस

लखनऊ के लुलु मॉल में नमाज अदा किए जाने को लेकर विवाद गरमाता दिख रहा है. इस बीच आइए जानते हैं आखिर सार्वजनिक स्थल (Public Place) कौन-कौन से होते हैं और सार्वजनिक स्थानों पर हमें आखिर ऐसा क्या नहीं करना चाहिए जिससे किसी को किसी प्रकार का नुकसान न हो.

क्यो होते हैं पब्लिक प्लेस

आमतौर पर सार्वजनिक स्थान एक ऐसा स्थल होता है, जो हर किसी के खुला हुआ होता है और वहां पहुंचना काफी आसान होता है. सड़क, फुटपाथ, सार्वजनिक चौक, पार्क, समुद्री किनारे, सिनेमा हॉल, मॉल, अस्पताल बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, बार, पब, डिस्को, कॉफी हाउस, रेस्टोरेंट, होटल, कोर्ट, डाकघर, बाजार आदी को सार्वजनिक स्थान माना जाता है.

वहीं कुछ लिमिट रियायत के साथ जनता के लिए खुले सरकारी इमारतें, सार्वजनिक पुस्तकालय को पब्लिक प्लेस कहा गया है. कुछ सरकारी कार्यालय, निजी स्वामित्व वाली इमारतें और फुटपाथ को सार्वजनिक स्थान नहीं माना जा सकता है.

पब्लिक प्लेस पर ओवर स्पीडिंग है क्राइम

भारत में ट्रैफिक नियमों के मुताबिक, ओवर स्पीडिंग को एक क्राइम कहा गया है जिस कारण हादसा होने पर किसी की जान भी जा सकती है. ऐसे में सार्वजनिक स्थान होने के बाद भी सड़क पर निर्धारित गति सीमा से अधिक की रफ्तार पर वाहन चलाना अपराध की श्रेणी में आता है. इसके लिए जुर्माना लगाया जा सकता है.

पब्लिक प्लेस पर सिगरेट पीना बैन

भारत में सार्वजनिक स्थानों पर सिगरेट पीना और शराब या फिर मादक पदार्थों का सेवन करना एक अपराध की श्रेणी में आता है. 2 अक्टूबर साल 2008 में देश भर के सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान को प्रतिबंधित कर दिया गया है.

पब्लिक प्लेस पर नहीं फेंक सकते कूड़ा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत भारत के कई शहरों को प्रदूषण और कूड़े के ढेर से बचाने के लिए सड़कों पर कूड़ा फेंकना एक सार्वजनिक अपराध माना गया है. इसके अलावा भारतीय शहरों में सार्वजनिक रूप से खुले में पेशाब करना और थूकना मना है. खुले में कूड़ा फेंकने और पेशाब करने से लेकर थूकने पर दोषी पाए जाने पर जेल की सजा या भारी जुर्माना चुकाना पड़ सकता है.

रात में लाउडस्पीकर बजाने पर हो जाएगी जेल

इसके साथ ही भारत के संविधान (Constitution of India) के अनुच्छेद 21 (Article 21) के अनुसार नागरिकों को सभ्य वातावरण (Civilized Environment) में शांति से रहने का अधिकार प्राप्त है. ऐसे में साल 2005 में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक आदेश दिया था, जिसमें रात 10 बजे के बाद किसी भी लाउडस्पीकर (Loudspeaker) को बजाने की परमिशन नहीं दी सकती है. सार्वजनिक स्थानों (Public Place) पर रात 10 बजे से सुबह 6 बजे के बीच तेज आवाज में गाना सुनने या फिर लाउडस्पीकर बजाने और किसी भी प्रकार के शोर करने पर प्रतिबंध लगा है.