November 24, 2022

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ज्ञानवापी मस्जिद प्रकरण में आया अदालत का फैसला, जारी रहेगी एडवोकेट कमिश्‍नर की कार्यवाही

ज्ञानवापी मस्जिद मामले में मुस्लिम पक्ष की ओर से एडवोकेट कमिश्नर को बदलने और ज्ञानवापी के तहखाने की वीडियोग्राफी मामले पर गुरुवार की दोपहर दो बजे के बाद अदालत ने अपना फैसला सुना दिया। ज्ञानवापी परिसर में कमीशन की कार्यवाही कर रहे एडवोकेट कमिश्नर को बदलने की अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की मांग सहित तहखाने की वीडियोग्राफी कराने की वादी पक्ष की अपील पर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) रवि कुमार दिवाकर की अदालत ने गुरुवार को फैसला सुनाया तो अदालत परिसर में खूब गहमागहमी नजर आई। अदालत ने फैसले में कहा है कि कमीशन की कार्यवाही जारी रहेगी। वहीं वीडियो रिकार्डिंग के साथ 17 मई तक रिपोर्ट प्रेषित करने का एडवोकेट कमिश्नर को आदेश दिया गया है। बहुप्रतीक्षित अदालत के फैसले में इस बार शासन और प्रशासन के सहयोग से 17 मई के पूर्व संपूर्ण ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की वीडियो रिकार्डिंग करके कोर्ट को उपलब्‍ध कराना है। सारा अधिकार जिलाधिकारी को अदालत ने ताला खुलवा कर कमीशन की कार्यवाही का निर्देश जारी किया है।

दोपहर में अदालत ने फैसला लिखना शुरू किया तो परिसर में लोगों की जिज्ञासा बढ़ गई। हालांकि, फैसला दोपहर दो बजे के बाद आया तो अधिवक्‍ताओं ने पहले फैसले की प्रतियों का गहन अध्‍ययन शुरू किया ताकि गुरुवार को आए अदालत के फैसले पर आगे की रणनीति तय की जा सके। अदालत का फैसला आया तो परिसर में गहमागहमी का दौर शुरू हो गया। अदालत के फैसले को पढ़कर संबंधित पक्षों ने अधिवक्‍ताओं के साथ मंथन भी किया। इस प्रकरण में वादी पक्ष की ओर से ज्ञानवापी मस्जिद की बैरिकेडिंग के अंदर मौजूद तहखाने समेत दस्‍तावेजों में दर्ज अन्य उल्लिखित स्थलों का निरीक्षण करने पर स्पष्ट आदेश देने की अपील हिंदू पक्ष की ओर से की गई है। वहीं प्रतिवादी अंजुमन इंतजामिया मसाजिद की ओर से एडवोकेट कमिश्नर पर निष्पक्ष न होने का आरोप लगाते हुए उन्हें बदलने की मांग की गई है। जबकि पूर्व में कमीशन की कार्रवाई के दौरान मुस्लिम पक्ष ने ज्ञानवापी मस्जिद क्षेत्र के बैरिकेडिंग के भीतर आने से एडवोकेट कमिश्‍नर और वीडियोग्राफी टीम को रोक दिया था। इस मामले में लगातार तीन दिनों तक सुनवाई के बाद अब गुरुवार को दोपहर दो बजे के बाद अदालत का फैसला आ गया।